बुद्धिजीवी

 बुद्धिजीवी:

 

आइंस्टीन के जो ड्राइवर थे, उन्होंने एक दिन आइंस्टीन से कहा- " सर,आप हर सभा में जो भाषण देते हैं, वह मैंने याद कर लिया है।''

 

-आइंस्टीन हैरान रह गये!

 

फिर उन्होंने कहा, "ठीक है, मैं अगली बैठक में जहां जा रहा हूं, वे मुझे नहीं जानते, आप मेरे स्थान पर भाषण दीजिए और मैं ड्राइवर बनूंगा।"

 

- ऐसे ही हुआ अगले दिन बैठक में ड्राइवर मंच पर चढ़ गये और ड्राइवर हूबहू आइंस्टीन की तरह भाषण देने लगा....

 

दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं. फिर वे यह सोचकर गाड़ी के पास आए कि ड्राइवर आइंस्टीन है।

 

- तभी एक प्रोफेसर ने ड्राइवर से पूछा, ''सर, आपने जो कुछ भी कहा, क्या आप एक बार फिर संक्षेप में बताएंगे?''

 

- असली आइंस्टीन ने देखा बड़ा खतरा !!

 

इस बार ड्राइवर पकड़ा जाएगा। लेकिन ड्राइवर का जवाब सुनकर वह हैरान रह गये....

 

ड्राइवर ने उत्तर दिया. -"क्या यह साधारण बात आपके दिमाग में नहीं आई?

 

मेरे ड्राइवर से पूछिए वह आपको समझाएंगे "

 

नोट : "यदि आप बुद्धिमान लोगों के साथ चलते हैं, तो आप भी बुद्धिमान बनेंगे और मूर्खों के साथ ही सदा उठेंगे-बैठेंगे तो आपका मानसिक तथा बुद्धिमता का स्तर और सोच भी उन्हीं की भांति हो जाएगी...!!




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